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40 से 50 की उमà¥à¤° में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर जरूर रखें इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ से जानें सबकà¥à¤›
तंजानिया में अब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ लड़कियों को सà¥à¤•ूल जाने की इजाजत मिली ह
तंजानिया में अब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ लड़कियों को सà¥à¤•ूल जाने की इजाजत मिली है.
अगर महिला (Women) की उमà¥à¤° 35 साल के आसपास होती है तो वह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 1 साल तक इंतजार करने के लिठकहते हैं ताकि वह नैचà¥à¤°à¤² तरीक
जब बात 40 से 50 साल की महिलाओं की आती है तो इस उमà¥à¤° में मेनोपॉज à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होने वाला होता है और इस दौरान शरीर में अंडों की संखà¥à¤¯à¤¾ और à¤à¥€ कम हो जाती है और उनकी कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ पहले की तरह बेहतर नहीं रहती. इन दोनों ही कारणों की वजह से न सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल आती है बलà¥à¤•ि होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤¸à¥‹à¤® यानी गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° से संबंधित असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ और बीमारियां होने का खतरा à¤à¥€ कई गà¥à¤£à¤¾ बढ़ जाता है. इतना ही नहीं इस उमà¥à¤° में मिसकैरेज का खतरा à¤à¥€ काफी बढ़ जाता है.
40-50 की उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कैसे संà¤à¤µ हो सकती है?
इस उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ अपने पेरिमेनोपॉज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होती हैं और उनके पीरियडà¥à¤¸ साइकल को पà¥à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤•à¥à¤Ÿ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है इसलिठà¤à¤¸à¥€ महिलाओं को डॉकà¥à¤Ÿà¤° फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ दवाइयां देते हैं ताकि वे सही से ऑवà¥à¤¯à¥‚लेट कर सकें. कई बार ये दवाइयां लेने के बाद ही महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाती है लेकिन अगर इसके बाद à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ न हो तो आईवीà¤à¤« की सलाह दी जाती है. इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में महिला के शरीर के अंडों और पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को लेकर लैब में à¤à¥à¤°à¥‚ण को तैयार किया जाता है और फिर उसे महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में डाल दिया जाता है. लेकिन सिरà¥à¤« तà¤à¥€ जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस बात से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हों कि महिला का शरीर बचà¥à¤šà¥‡ को कैरी करने के लिठतैयार है.
à¤à¤— फà¥à¤°à¥€à¤œ करवाना
हालांकि इन दिनों à¤à¤• और पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ काफी पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ हो गई है जिसे कà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¶à¤¨ या à¤à¤— फà¥à¤°à¥€à¤œà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ कहते हैं. इसमें महिलाà¤à¤‚ 30 साल की उमà¥à¤° के आसपास ही अपने à¤à¤—à¥à¤¸ को फà¥à¤°à¥€à¤œ करवा लेती हैं और फिर बाद में जब 40 की उमà¥à¤° के बाद मां बनना चाहती हैं तो इन फà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤—à¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकती हैं. à¤à¤—à¥à¤¸ फà¥à¤°à¥€à¤œ करवा लेने से सफल पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की गारंटी तो नहीं होती लेकिन जैसा कि हमने पहले ही बताया है कि जैसे-जैसे उमà¥à¤° बढ़ने लगती है अंडों की कà¥à¤µà¥‰à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ में कमी आने लगती है. लिहाजा कम उमà¥à¤° में अंडों को फà¥à¤°à¥€à¤œ करवा लेने से होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में किसी तरह की जेनेटिक समसà¥à¤¯à¤¾ होने की आशंका कम हो जाती है.
अधिक उमà¥à¤° में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने वाली महिलाओं के लिठन सिरà¥à¤« कंसीव करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है बलà¥à¤•ि अगर महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाती है तब à¤à¥€ उसे हाई रिसà¥à¤• गà¥à¤°à¥à¤ª में रखा जाता है. इसका कारण ये है कि 40 से 50 साल की उमà¥à¤° में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने वाली महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खतरों का सामना करना पड़ता है :
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